उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर कहा कि, “आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें राज्य अपनी गौरवशाली विरासत से प्रेरणा लेकर भविष्य की नई संभावनाएं गढ़ रहा है। एक ओर, राज्य आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती मना रहा है, जिन्होंने रामायण के माध्यम से आम जनमानस की पीढ़ियों को भगवान श्री राम के जीवन और ‘राम राज्य’ के आदर्शों से परिचित कराया। दूसरी ओर, ‘जीसीसी इनोवेशन समिट 2026’ उत्तर प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार (इनोवेशन) और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख केंद्र बनाने की संभावनाओं को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रहा है।”
साल 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र
सीएम योगी ने साल 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि, “वर्ष 2017 से पहले, उत्तर प्रदेश में न तो विरासत के लिए सम्मान था और न ही विज्ञान और विकास के लिए कोई स्थान। उस समय की सत्ता में, राज्य की क्षमता और उसकी औद्योगिक व तकनीकी खूबियों के अनुरूप निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती थी।”
‘जीसीसी राजधानी’ के रूप में उभरा भारत
मुख्यमंत्री ने कहा कि, “आज, राज्य अपनी बेहतर होती कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डिजिटल बुनियादी ढांचे और निवेश-अनुकूल नीतियों के आधार पर नई संभावनाएं विकसित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में, जहाँ भारत दुनिया की ‘जीसीसी राजधानी’ के रूप में उभरा है, वहीं उत्तर प्रदेश अब भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।”












