मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक विकास से आगे बढ़ते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। जिसे लेकर राज्य सरकार ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश ने निवेश और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है।
पूर्व सरकार पर निशाना
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पोस्ट शेयर की। उन्होंने पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “पिछली सरकारों ने राज्य की असीमित क्षमता का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि, उन्होंने इसे पिछड़ेपन में ही उलझाए रखा। लेकिन आज सिर्फ़ साढ़े 9 साल में देश के कुल मोबाइल फ़ोन प्रोडक्शन का लगभग 60 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 55 प्रतिशत हिस्सा इसी राज्य से आता है।”
‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विज़न
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का विज़न दिया। ‘डबल-इंजन’ सरकार ने पॉलिसी, इन्वेस्टमेंट और प्रोडक्शन के ज़रिए उत्तर प्रदेश में इसे ज़मीनी हकीकत बनाया है। जेवर में 3,706 करोड़ की HCL-Foxconn चिप यूनिट आकार ले रही है, 644 MW के डेटा सेंटर्स के लिए प्रस्ताव आए हैं, और राज्य में 24,000 से ज़्यादा स्टार्टअप्स और 8 यूनिकॉर्न मौजूद हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो, यह सफ़र मोबाइल से मॉड्यूल और मॉड्यूल से माइक्रोचिप की ओर बढ़ रहा है।”
‘2017 से पहले तस्वीर कुछ और थी’
सीएम ने कहा कि, “2017 से पहले, तस्वीर कुछ और ही थी। घोषणाएँ तो होती थीं, लेकिन प्रोजेक्ट्स ज़मीन पर उतरने के लिए संघर्ष करते थे। क्योंकि तब परिवारवाद ही विकास था, सैफई महोत्सव ही सांस्कृतिक उत्थान था, और माफिया-करण ही औद्योगीकरण का मॉडल बन गया था। जब राज्य से ज़्यादा चिंता परिवार की हो, और इन्वेस्टर्स से ज़्यादा अपराधियों की, तो भविष्य की टेक्नोलॉजी के लिए माहौल कैसे बन सकता है?”












