प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तीन साल पूरे हो गए हैं। इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने कोलकाता स्थित धन-धान्य सभागार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर समारोह आयोजित किया। इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका, कौशल और उद्यमशीलता क्षमताओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया गया।
मई 2026 में योजना लागू करने का फैसला
बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का फैसला लिया। यह योजना राज्य के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को व्यापक सहायता प्रदान करने की दिशा में अहम कदम है। इस कार्यक्रम के दौरान एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी ने पश्चिम बंगाल के विश्वकर्माओं को अपनी पारंपरिक शिल्पकला और उद्यमशीलता कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।
शिल्पकारों की आजीविका होगी मजबूत
वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि, पीएम विश्वकर्मा योजना के प्रति दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार। सीएम ने कहा कि यह योजना देशभर के कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 7 लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विश्वकर्माओं को योजना के लाभ प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने में तेजी लाएगी।












