केंद्र सरकार को कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। सरकार ने निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही 11 करोड़ ‘फार्मर आईडी’ तैयार करने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल कर लिया है। जिसको लेकर केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने एक ऐतिहासिक जीत बताया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-समृद्ध किसान’ के विजन की यह ऐतिहासिक जीत है।
दर-दर भटकने से छुटकारा
कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने कहा कि ‘डिजिटल कृषि मिशन’ के तहत यह सफलता हासिल की गई है, जिससे देश के अन्नदाताओं को सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, फसल बीमा और आपदा राहत का पारदर्शी एवं त्वरित लाभ बिना किसी परेशानी के मिलेगा। उन्हें दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा।
बार-बार दस्तावेजी सत्यापन की जरूरत नहीं
केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनने के बाद अब किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे पहले किसानों को हर छोटी-बड़ी योजना के लिए बार-बार कागजात जमा करने पड़ते थे जिससे उन्हे परेशानी भी झेलनी पड़ती थी। लेकिन अब फार्मर आईडी के माध्यम से- बैंक ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड से ऋण प्रक्रिया सुगम होगी और बार-बार दस्तावेजी सत्यापन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।












