उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पाँच दिवसीय स्थापना दिवस समारोह में शिरकत की। इसके साथ ही युगपुरुष स्वर्गीय महंत दिग्विजय नाथ महाराज व राष्ट्रसंत स्वर्गीय महंत अवैद्यनाथ महाराज की स्मृति में आयोजित सप्ताह भर चलने वाली व्याख्यानमाला के समापन समारोह में भी सीएम योगी मे भाग लिया।
पुस्तकों का किया विमोचन
इस अवसर पर ‘अमृतकाल और राष्ट्रवाद’ और ‘राष्ट्र और अभिव्यक्ति’ पुस्तकों का सीएम योगी ने विमोचन किया। इसके साथ ही विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों तथा विभिन्न कार्यक्रमों के चयनित विद्यार्थियों को प्रशंसा-पत्र भी प्रदान किए गए।
स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर और महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद परिवार को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी। सीएम ने कहा कि, “विश्वविद्यालय को ऐसा ज्ञान और शोध विकसित करना चाहिए जो समाज और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं से जुड़ा हो। साथ ही, इसे विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप, रोजगार और उद्यमिता के अवसरों से भी जोड़ना चाहिए।”
पारंपरिक ज्ञान को शोध और प्रयोगशालाओं से जोड़ें
सीएम योगी ने कहा कि, “हमें अपने पारंपरिक ज्ञान को केवल किताबों और परंपराओं तक ही सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे शोध और प्रयोगशालाओं से जोड़ना चाहिए और नई पीढ़ी के साथ भी साझा करना चाहिए।” सीएम ने आगे कहा कि, “डबल-इंजन सरकार राज्य में एक ऐसा मज़बूत इकोसिस्टम बना रही है जहाँ हर युवा को अपनी योग्यता, रुचि और क्षमता के अनुसार सीखने, उद्यमिता करने और आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिल सके।”











